हमारे शास्त्र और सत् भगति
हमारे शास्त्र और सत् भक्ति #सन्त_सताने_की_सजा #धर्मराज_जी_का_न्याय #आदरणीय_गरीबदास_साहेब_जी का जन्म पावन गाँव छुड़ानी जिला-झज्जर में श्री बलराम जी धनखड़ (#जाट) के घर हुआ। आपजी को # पूर्णब्रह्म_कबीर_परमेश्वर (#कविर्देव) # सतलोक (ऋतधाम) से सन् 1727 में सशरीर आकर मिले थे तथा आपजी के जीव को सत्यलोक लेकर गए थे। पीछे से परिवार जनों ने गरीबदास जी को मृत जानकर चिता पर रखा दिया था। उसी समय कविर्देव ने आप जी का जीव वापिस शरीर में प्रविष्ट कर दिया। उसके पश्चात् आदरणीय गरीबदास जी भी परम पूज्य कविर्देव (कबीर परमेश्वर) की आँखों देखी #महिमा जन-जन को सुनाने लगे। जो भी दुःखी प्राणी आपजी से उपदेश प्राप्त करता, वही सुखी हो जाता। आपजी की बढ़ती महिमा तथा #तत्वज्ञान के सामने अन्य गुरुओं (आचार्यों) के अधूरे ज्ञान की पोल खुलने से आस-पास के #सर्व_अधूरे_ज्ञान_युक्त_गुरू_जन (आचार्य जन) आप जी से अत्यधिक ईर्ष्या करने लगे। आस पास के मुख्य-मुख्य चौधरीयों को उलटी पट्टी पढ़ा दी। जिससे आस-पास के गाँव के आम व्यक्ति प्रभु कबीर के प्यारे बच्चे आदरणीय गरीबदास जी से घृणा करने लगे। #दिल्ली के वाजीदपुर गाँ...